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लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण के मतदान खत्म होने के साथ ही सातवें चरण के द्वार को जीतने की जंग तेज हो गई. इसी के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है. मायावती ने कहा कि पीएम मोदी वोट के लिए गरीबी का नाटक करते हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जन्मजात अति पिछड़े नहीं हैं, बल्कि कागजी अति पिछड़े हैं. मायावती ने कांग्रेस को भी अलवर रेप में उचित कार्रवाई न होने पर राजस्थान में समर्थन वापसी की चेतावनी दी है.

मायावती ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर पीएम मोदी पर कई 'निजी' हमले भी किए. अलवर रेप की घटना पर मायावती ने कहा कि मोदी पहले अलवर दलित महिला उत्पीड़न घटना को लेकर चुप थे लेकिन मेरे बोलने के तुंरत बाद से इसकी आड़ में अब अपनी घृणित राजनीति कर रहे हैं जिससे चुनाव में उनकी पार्टी को फायदा पहुंचे. ये बेहद शर्मनाक है.

मायावती ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रहे रोहित वेमुला की आत्महत्या की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस मामले में तो पीएम ने अपने केंद्रीय मंत्री तक से इस्तीफा नहीं लिया और न ही कभी अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की पेशकश की. इसलिए उन्हें किसी भी पार्टी और नेता को अलवर की घृणित घटना को लेकर किसी सलाह देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. हमारी पार्टी अपने पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहती है.'

कांग्रेस को भी दी चेतावनी

राजस्थान में कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए मायावती ने कहा कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो फिर वह कांग्रेस से समर्थन वापस लेने का फैसला कर सकती हैं. बता दें कि रविवार को यूपी के कुशीनगर में एक चुनावी रैली के दौरान दौरान मोदी ने मायावती को चैलेंज दिया था कि उन्हें अलवर की दलित महिला की इतनी ही चिंता है तो राजस्थान में कांग्रेस से समर्थन वापस क्यों नहीं ले रही हैं.

क्या है राजस्थान में सियासी गणित?
राजस्थान में इस वक्त कांग्रेस की सरकार है. यहां विधानसभा की कुल 200 सीटें है. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 101 सीटों की जरूरत पड़ती है. कांग्रेस के खाते में कुल 99 सीटें हैं. इसके अलावा कांग्रेस को सरकार बनाने में तीन दलों ने समर्थन दिया है. सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार के पास कुल संख्या 121 सीटों की है. जिसमें से 6 सीटें बीएसपी के खाते में है. यानी अगर बीएसपी समर्थन वापस भी ले लेती है तो भी मौजूदा सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यहां एनडीए के खाते में कुल 76 सीटें हैं