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अमेरिका से भारत में आयात किये जाने वाले उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने की समयसीमा बढ़ सकती है. अमेरिका ने इस मामले में 60 दिन का नोटिस दिया था जो कि 2 मई को समाप्त हो गया लेकिन अभी तक प्रणाली के तहत दिए गए लाभ वापस नहीं लिए गए. भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले 29 उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के लिये पहचान की है. इस प्रोडक्ट लिस्ट में अखरोट, बादाम और दालें शामिल हैं. इस संबंध में पिछली बार बढ़ाई गई समयसीमा 16 मई को समाप्त हो रही है.

अमेरिका ने पिछले साल भारत सहित विदेशों से आयात होने वाले इस्पात और एल्यूमीनियम के उत्पादों पर ऊंचा सीमा शुल्क लगा दिया था. इसी के जवाब में भारत ने भी अमेरिका से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ाने का फैसला किया लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया. भारत ने यह फैसला ऐसे समय किया है जब अमेरिका ने भारतीय निर्यातकों को दी गई सामान्यीकृत तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) के फायदों को वापस लेने का फैसला किया है.

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय को समयसीमा बढ़ाने के बारे में जरूरी अधिसूचना जारी करने के लिए कहा है. पिछले साल जून 2018 के बाद से अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर जवाबी शुल्क लगाने के बारे में समयसीमा को कई बार बढ़ाया जा चुका है.

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की यहां 6 मई को द्विपक्षीय बैठक हुई जिसमें व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई. अमेरिका मानता है कि भारत में कागज और हर्ले डविडसन मोटरसाइकिल जैसे उसके उत्पादों पर ऊंचा आयात शुल्क लगाया जाता है. अमेरिका भारत में अपने कृषि उत्पादों, डेयरी सामान, चिकित्सा उपकरणों के लिये शुल्कों में कटौती चाहता है. दूसरी तरफ भारत चाहता है कि अमेरिका उसके इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादों पर लगाया गया ऊंचा शुल्क वापस ले तथा कृषि, आटोमोबाइल कलपुर्जों के लिए अमेरिका बाजार को अधिक खुला बनाए.