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लोकसभा चुनाव में प्रदेश में करारी हार के बाद हताशा में डूबे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी है. पार्टी जल्द ही 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं और नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियां देने की तैयारी कर रही है. राजनीतिक नियुक्तियां दो स्तर पर होंगी. पहले फेज में जिला स्तरीय समितियों में और दूसरे फेज में प्रदेश स्तरीय समितियों में नियुक्तियों का कार्य किया जाएगा. इसकी कवायद शुरू कर दी गई है.
प्रत्येक जिले में होगी 300 से ज्यादा की नियुक्तियां
पार्टी के तैयारी के मुताबिक प्रत्येक जिले में जिला स्तर की समितियों में 300 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा. जिला स्तर पर होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में कांग्रेस विधायकों की राय को तरजीह दी जाएगी. जहां कांग्रेस विधायक नहीं हैं, वहां विधानसभा में हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों की राय ली जाएगी.

जिला स्तर पर दर्जनभर समितियां हैं
जिला स्तर पर दर्जनभर समितियां हैं, जिनमें गैर सरकारी सदस्यों के पद खाली हैं. इनमें जिला सतर्कता समिति, उपभोक्ता संरक्षण समिति, बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, जिला वक्फ समिति, जिला जन अभाव अभियोग निराकरण समिति सहित कई समितियों में नियुक्तियां होनी हैं.

छह माह से खाली पड़े हैं पद
गत वर्ष दिसंबर के अंत में नई सरकार के गठन के बाद पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के समय की गई सभी राजनीतिक नियुक्त्यिों को रद्द कर दिया गया था. उसके बाद करीब छह महीने से प्रदेश से लेकर जिलों तक के बोर्ड, निगम और समितियों में गैर सरकारी सदस्यों के पद खाली पड़े हैं. राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से पार्टी सियासी समीकरण साधने के साथ ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने की कोशिश भी करेगी.