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अलवर पुलिस (Alwar police) ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर के साथ फेसबुक पर दोस्ती कर की गई 71 लाख रुपए की ठगी की वारदात (thug gang exposed) का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में 2 नाइजीरियन (Nigerians) व्यक्तियों और दो भारतीय महिलाओं सहित ठगी गैंग के आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके कब्जे से 44 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है. आरोपियों के पास 49 चेक बुक और पासबुक मिली है.

सेवानिवृत्त प्रोफेसर से ठगे थे 71 लाख रुपए
अरावली विहार थाना पुलिस ने बताया कि गत 9 अगस्त को अलवर निवासी सेवानिवृत्त प्रोफेसर  ने मामला दर्ज कराया था कि फेसबुक के जरिए उनकी एक विदेशी महिला लुविस टरायो से जान पहचान हुई थी. लुविस टरायो ने उससे 71 लाख की ठगी कर ली. तकनीकी अनुसंधान एवं बैंक खातों का बारीकी से अध्ययन से यह वारदात नाइजीरियन गैंग द्वारा करना सामने आया

पुलिस ने ईमेल, व्हाट्सएप चैटिंग, कॉलिंग और मोबाइल नंबरों की जांच-पड़ताल कर एक मोबाइल कंपनी के कर्मचारी मोहित, अनूप पांडेय और योगेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इस पर उन्होंने मोबाइल सिम नाइजीरियन जेम्स और उसके साथी को देना बताया. इस पर उन्हें पकड़कर पूछताछ की गई. आरोपियों से पूछताछ कर सामने आया कि पकड़े मोबाइल कंपनी के कर्मचारी फर्जी आईडी से सिम जारी कर नाइजीरियन गैंग को देते हैं. उन सिम कार्डों को ये लोग ठगी करने के लिए काम में लेते हैं. इस पर पुलिस ने अपनी जांच में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए उक्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

इन्हें किया गया है गिरफ्तार
इस मामले में नई दिल्ली निवासी मोहित टॉक्स उर्फ करण राणा उर्फ अर्जुन राणा, विशाल टॉक्स, हरियाणा के सूरजकुंड निवासी राधामोनी उर्फ वसुंधरा भसीन, एलेस्को भसीन उर्फ नंदिनी, संगम विहार नई दिल्ली निवासी मोहित कुशवाहा, अनूप कुमार पांडे, योगेंद्र कुमार, नाइजीरियन निवासी एको नाम जेम्स और लकी उर्फ लाइमा को गिरफ्तार किया गया है..