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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने सोमवार को कहा कि लोकसभा चुनाव (General Election) में हार के बावजूद कांग्रेस को समावेशी भारत (Inclusive India) के अपने विचार को चुनावी लाभ के लिए नहीं छोड़ना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि वे पूरे जीवन के लिए कांग्रेस (Congress) में नहीं आए हैं.

बता दें कि थरूर पहले भी पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ कई मौकों पर कर चुके हैं और उनके इस बयान से फिर से लोगों ने कुछ और अनुमान लगाना शुरू कर दिया. हालांकि इसके बाद थरूर ने तुरंत अपनी भूल को सुधारा.

तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से सांसद ने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि देश के 60% मतदाता भाजपा (BJP) की विचारधारा से सहमत नहीं हैं.

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'मेरा यह मानना है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा को 37% वोट मिले और ऐसे में 60% वोटर ऐसे हैं जो उसके साथ सहमत नहीं हैं. इन 37% लोगों में कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत को बहुसंख्यकवादी देश बनते नहीं देखना चाहते.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस समावेशी भारत और सभी के लिए काम करने में विश्वास रखती है जो उसे भाजपा से अलग बनाती है.

'मैं राजनीतिक करियर के लिए कांग्रेस में नहीं आया'

शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस को अपने इस सिद्धांत पर अडिग रहना चाहिए कि भारत सबके लिए है और वह इस बात को 130 वर्षों से कहती आ रही है.