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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ह्यूस्टन में तेल सेक्टर के 16 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर वार्ता की. इस दौरान उनकी उपस्थिति में भारत की पेट्रोनेट एलएनजी ने अमेरिका की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) डेवलपर टेल्यूरियन इंक से 50 लाख टन एलएनजी के लिए एक समझौता किया. इसे अमेरिकी इतिहास में एलएनजी क्षेत्र में सबसे बड़ा समझौता माना जा रहा है.

इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ह्यूस्टन में ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ राउंडटेबल वार्ता की. उन्होंने कहा, "वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा के लिए साथ काम करने और भारत और अमेरिका के बीच आपसी निवेश संभावनाओं का प्रसार करने पर फोकस रहा."

बता दें कि ह्यूस्टन अमेरिका की तेल और गैस राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है. भारत और अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पिछले साल अमेरिका-इंडिया स्ट्रेटेजिक इनर्जी पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर भी किए थे. अमेरिका ने 2017 में भारत को क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया था. इसके बाद देश में अमेरिका से होने वाली तेल आपूर्ति में चार गुनी से ज्यादा की वृद्धि हुई है. अमेरिका से तेल आपूर्ति साल 2017-18 में सिर्फ 14 लाख टन थी. इसके बाद भारत ने नवंबर 2018 से मई 2019 तक अमेरिका से प्रतिदिन एक लाख 84 हजार बैरल तेल प्रतिदिन खरीदा है.