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राजस्थान के मुख्यमंत्री और राजनीति के जादूगर कहलाने वाले अशोक गहलोत बुधवार को छठी बार राजस्थान का राज्य बजट पेश कर रहे हैं. अब तक सीएम गहलोत 5 बार पूर्ण बजट और 2 बार लेखानुदान पेश कर चुके हैं. 15वीं विधानसभा का यह पहला बजट सुबह 11 बजे पेश करने जा रहे हैं. 2008 से 2013 के कार्यकाल में वित्त विभाग गहलोत के पास ही रहा था. 2002-03 के बाद मुख्यमंत्री ही सदन में बजट पेश करते रहे हैं. प्रद्युम्न सिंह के बाद सीएम के पास ही बजट पेश करने की जिम्मेदारी रही है. 2 बार भारतीय जनता पार्टी के राज और एक बार कांग्रेस राज में भी वित्त विभाग सीएम के पास ही रहा है.

विधानसभा में आज 11 बजे पेश होगा बजट

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूदा सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे. सामाजिक क्षेत्र के बजट में गहलोत सरकार इजाफा करने वाली है. भाजपा सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में बजट कम किया था.
बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, रोजगार जैसे सैक्टर्स पर फोकस रहेगा.
नए स्कूल, अस्पतालों की घोषणा संभव
नए स्कूल, नए अस्पताल खोलने की घोषणा की उम्मीदें भी जताई जा रही हैं. अस्पतालों में खाली पद भरने की घोषणा संभव है. साथ ही संविदा कर्मियों के लिए भी घोषणाएं संभव हैं.

बेशुमार उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा गहलोत का बजट
वसुंधरा सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए नीतियां और योजनाएं खूब बनाई, लेकिन ये नीतियां निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाईं, रिसर्जेंट राजस्थान जैसा कार्यक्रम भी असफल रहा. अब गहलोत सरकार के सामने चुनौती है कि वसुंधरा सरकार की गलतियों से सबक लेते हुए प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए व्यवहारिक कदम उठाने की. यह बजट अगले 5 साल के गहलोत सरकार के विजन को पेश करेगा जाहिर है इसलिए प्रदेश के उद्योग और व्यापार की इससे बेशुमार उम्मीदें हैं.