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वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपरओवर में जीत दर्ज करने के बाद इंग्लैंड के कप्तान ऑयन मॉर्गन ने बड़ा बयान दिया है. दरअसल, मॉर्गन की कप्तानी में भले ही इंग्लैंड ने अपना पहला वर्ल्ड कप जीत लिया है, लेकिन उसकी यह जीत विवादों से जुड़ी रही. वो इसलिए क्योंकि फाइनल में स्टोक्स के बल्ले से लगकर मिले ओवरथ्रो के रनों ने न्यूजीलैंड की हार सुनिश्चित कर दी थी, जबकि नियम के अनुसार इंग्लैंड को वो छह की जगह पांच रन मिलने चाहिए थे. इसके साथ ही सुपरओवर में भी स्कोर बराबर रहने की सूरत में इंग्लैंड को अधिक बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया था. वर्ल्ड कप के इस नतीजे को लेकर कई लोगों ने आईसीसी के अजीबोगरीब नियमों की आलोचना की थी. न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने इसे शर्मनाक स्थिति बताया था, जबकि सचिन तेंदुलकर ने भी कहा था कि इस मैच का नतीजा सुपरओवर के जरिये ही निकलना चाहिए था. अब इंग्लैंड के कप्तान ऑयन मॉर्गन ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. इंग्लैंड को उसका पहला वर्ल्ड कप जितवाने वाले कप्तान ऑयन मॉर्गन ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि इस मैच का नतीजा इस तरह निकलना सही है. खासकर तब जबकि दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद बारीक हो. मॉर्गन ने हालांकि ये भी कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैच में कोई एक ऐसा पल था, जिसे देखकर आप कह सकें कि वहां मैच गंवा दिया. यह इतना बैलेंस था. मॉर्गन अपनी स्पष्ट सोच को लेकर जाने जाते हैं. इस बारे में उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि मैं वहां मौजूदा था जब ये सब कुछ हुआ. मुझे नहीं लगता कि जीत ने इस चीज को आसान कर दिया है, लेकिन निश्चित रूप से हार से ये और मुश्किल जरूर हो जाती. मैच में एक भी पल ऐसा नहीं आया जिसके बाद आप यह कह सकें कि हम ये डिजर्व करते थे. यह इतना करीबी मामला था. मॉर्गन के अनुसार, इस मुकाबले में कई मौके आए जब मैच इंग्लैंड या न्यूजीलैंड के पक्ष में गया. मैंने पिछले कुछ दिनों में केन विलियमसन से कई बार बात की है. हम दोनों का रिश्ता ऐसा नहीं है कि हमें एक-दूसरे को सफाई देने की जरूरत पड़े. हालांकि मॉर्गन ने इस बात से सहमति जताई कि वर्ल्ड कप का फाइनल क्रिकेट का सबसे शानदार मैच था.