आशुतोष के बाद आशीष खेतान ने भी आम आदमी पार्टी से बनाई दूरी!

Aug 22,2018, 10:08 AM

नई दिल्ली। दिल्ली में लगता है आम आदमी पार्टी पूरी तरह से बिखरने की कगार पर आ गई है। कुमार विश्वास को पार्टी द्वारा किनारे किए जाने के बाद पिछले दिनो आशुतोष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब ताजा खबर है कि केजरीवाल के करीबी आशीष खेतान ने भी उनसे दूरी बना ली है।

खबरों के अनुसार खेतान ने केजरीवार को 15 अगस्त के दिन भेजे अपने ईमेल में कथित इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके लिए अपने निजी कारणों का हवाला दिया है।

वहीं, बताया जा रहा है कि केजरीवाल अभी उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। आशीष खेतान को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का विश्वासपात्र माना जाता है। खेतान ने 2014 के लोकसभा चुनाव में आप के ही टिकट पर नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था। यहां पर पता दें कि आप के वरिष्ठ नेताओं में शुमार आशुतोष के इस्तीफे का खुलासा भी 15 अगस्त को ही हुआ था और आशीष खेतान के भी 15 अगस्त को ही इस्तीफा देने के बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले दिल्ली डायलॉग कमीशन के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले आशीष खेतान नई दिल्ली लोकसभा सीट से दोबारा चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि पार्टी किसी नए चेहरे को उतारना चाहती है। इसी वजह से आशीष खेतान ने आम आदमी पार्टी से दूरी बनाई है।

उधर, आशीष खेतान के करीबियों का कहना है कि वे कानून की उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं और इसी कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है। वकालत करने के लिए ही उन्होंने दिल्ली डायलॉग कमीशन से इस्तीफा दिया था। केजरीवाल चाहते हैं कि पढ़ाई करने के लिए वे पार्टी से छुट्टी ले लें और पढ़ाई पूरी होने के बाद वापस पार्टी के काम में जुट जाएं। आप सूत्रों की मानें तो दिल्ली सरकार के वरिष्ठ वकील और पार्टी के वरिष्ठ नेता-प्रवक्ता राहुल मेहरा को आशीष खेतान के स्थान पर नई दिल्ली लोकसभा सीट से उतरने चर्चा गरम है। इसे भी नाराज की एक वजह बताया जा रहा है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट पर अशीष खेतान को 2.9 लाख वोट मिले थे और वे भाजपा की मीनाक्षी लेखी से 1.6 लाख वोट से हार गए थे, जबकि कांग्रेस के अजय माकन 1.82 लाख वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। यहां पर बता दें कि इसी साल अप्रैल महीने में उपराज्यपाल द्वारा 9 सलाहकारों की नियुक्ति रद किए जाने के बीच आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने दिल्ली डायलॉग कमीशन (डीडीसी) के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे की जानकारी खेतान ने ट्विटर पर दी थी। उन्होंने लिखा था कि मैंने डीडीसी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है जो 16 अप्रैल से प्रभावी है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मैं कानूनी पेशे से जुड़ रहा हूं और दिल्ली बार में पंजीकरण करा रहा हूं, जिसकी वजह से डीडीसी से इस्तीफा देना आवश्यक है। बार काउंसिल के नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति वकालत करते समय निजी या सरकारी नौकरी नहीं कर सकता है।

गौरतलब है कि पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी आशुतोष भी आप से इस्तीफा दे चुके हैं, हालांकि उनका भी इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। उन्होंने कुछ महीने पहले ही आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन केजरीवाल ने अभी तक इसे मंजूर नहीं किया है। आशुतोष की इस्तीफा जैसे ही मीडिया की सुर्खियां बना तो सीएम केजरीवाल ने तत्काल ट्वीट कर कहा था- 'हम आपका इस्तीफा कैसे स्वीकार कर लें? ना इस जनम में तो नहीं।

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