हाईकोर्ट ने बॉलीवुड के सुपरस्‍टार सलमान खान (Salman Khan) की ट्रांसफर याचिका (Transfer petition) सुनने से इनकार कर दिया है. सलमान ने काला हिरण शिकार तथा आर्म्स एक्ट मामले (Black Deer and Arms Act Case) में जिला एवं सत्र अदालत (जोधपुर) में चल रही सुनवाई को सीधे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करवाने को लेकर अपने अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत के जरिये हाईकोर्ट में ट्रांसफर याचिका पेश कर रखी है. यह याचिका हाईकोर्ट जस्टिस विजय विश्नोई की कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी. लेकिन उन्होंने इस याचिका को सुनने से इनकार करते हुए उसे अन्य बेंच में रेफर कर दिया है.

यदि सलमान की ट्रांसफर याचिका स्वीकार नहीं होती और जिला एवं सत्र जिला जोधपुर न्यायालय सीजेएम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है तो उन्हें एक बार फिर जेल जाना पड़ सकता है. (Photo-Twitter)

कांकाणी हिरण शिकार मामले में ग्रामीण सीजेएम कोर्ट ने सलमान खान को 5 साल की सजा दी थी. कोर्ट ने इस मामले में सह आरोपी फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. राज्य सरकार की ओर से सीजेएम कोर्ट के इस फैसले को राजस्थान उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी. सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने कोर्ट में याचिका पेश कर यह मांग की है कि सभी मामले एक ही प्रवृत्ति के हैं, इसलिए इन सबकी सुनवाई एक साथ की जाए.

जिला एवं सत्र अदालत में लंबित हैं मामले
सलमान खान को सीजेएम (ग्रामीण) कोर्ट की ओर से सुनाई गई 5 साल की सजा के खिलाफ उन्होंने जिला एवं सत्र अदालत में अपील की है. वहीं, सीजेएम की कोर्ट ने आर्म्स एक्ट मामले में सलमान खान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. इस फैसले को को भी सत्र अदालत में ही चुनौती दी गई है. दोनों मामले इसी कोर्ट में लंबित हैं. बता दें कि सलमान खान के खिलाफ यह बहुचर्चित मामला काफी लंबे वक्‍त से लंबित चल रहा है. अदालतों में यह मामला अभी कानूनी दाव-पेंच में उलझा हुआ है.