राजस्थान में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर गूगल ने लोगों को टीकाकरण से जुड़ी अफवाहों के बारे में जागरुक किया। इसमें हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों के अलावा राजस्थान के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें टीकाकरण से जुड़ी फेक न्यूज के प्रति सतर्क रहने और उसे जांचने के बारे में बताया। कहा, किसी भी न्यूज़ को फॉरवर्ड करने या फिर उसे सच मान कर उस पर अमल करने से पहले दो मिनट का समय देकर सही स्रोत से उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।  जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डिजिटल स्ट्रेटजी के हेड धीमांत अग्रवाल ने बताया कि आज सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर लोगों को सभी प्रकार की जानकारी मिल रही है। लेकिन उन्हें ये नहीं पता है कि कौन सी जानकारी सही है और कौन सी गलत। टीकाकरण से जुड़ी अफवाहों और फैली गलत जानकारी से लोग बचें और सही सूचना का प्रयोग करें, इसलिए ही गूगल के साथ समझौता किया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए गूगल ने वैश्विक स्तर पर पहल शुरु की है। इसके लिए डेटा लीड्स और फर्स्ट ड्राफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर गूगल न्यूज़ इनीशिएटिव नाम से कार्यक्रम बनाया है। वर्चुअल टाउन हाल सीरीज के तहत 40 दिनों के भीतर देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गूगल ने आठ से अधिक भाषाओं में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया है। इसी कड़ी के तहत गूगल राजस्थान के लोगों को टीकाकरण के बारे में जागरुक और सचेत करने के लिए ही जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के साथ जुड़ा।
फोटो और विडियो से ज्यादा तेजी से फैलती हैं फेक न्यूज कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मीडिया रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञ सुधीर गोरे ने अपने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारियों और अफवाहों पर भरोसा कर के लोगों ने स्वयं को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि एक शोध में यह भी सामने आया है कि सबसे अधिक अफवाहें चित्रों के माध्यम से फैलाई जाती हैं जिस पर लोग जल्दी से विश्वास कर लेते हैं। उन्होंने ऐसा न करने की सलाह दी।
भरोसेमंद स्रोत से जानकारी की दोबारा करें जांच वहीं, दूसरे सत्र में ट्रेनर और विशेषज्ञ अपर्णा देवल ने बताया कि गूगल पर स्मार्ट सर्च को अपना कर हम अफवाहों और फेक न्यूज की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गूगल सर्च इंजन में की-वर्ड्स पर ध्यान देकर सर्च को हम सुधार सकते हैं और साथ ही साथ लोगों की मदद कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि फेक न्यूज को नजरअंदाज न करें। दो मिनट का समय देकर गूगल सर्च इंजन और अन्य दूसरे अपने भरोसेमंद स्रोत से जानकारी की दोबारा जांच करें।
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन डेटा लीड्स कंपनी की आउटरीच एंड एंगेजमेंट की हेड सुरभि ने किया। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक भरोसेमंद वॉरियर्स के बारे में जिक्र किया गया। ऑनलाइन  प्लेटफार्म पर आयोजित किए गए इस समारोह में लोगों में  गलत सूचना के कारण आने वाले बदलाव और उसकी वजह से पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर वेक्टर गंभीर, सीनियर एकेडमिक एडवाइजर प्रोफेसर डीपी मिश्रा, रजिस्ट्रार एसएल अग्रवाल, डिप्टी डायरेक्टर (इंडस्ट्री इंटरफेस) डॉ. मनीष जैन , और सभी विभागों के अध्यक्ष समेत फैकल्टी और स्टूडेंट मौजूद रहे।