यूं तो 1 जनवरी को सभी लोग नया साल मनाते हैं. लेकिन भारत में हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र को वर्ष का पहला माह माना जाता है. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रि आरंभ होने के साथ ही हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ होता है. आज से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो रही हैं, इस दिन ही नववर्ष भी मनाया जाएगा.

यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज ही बैसाखी का पर्व भी है.
आइये इस खास पेशकश में जानते इस बार की हिन्दू नववर्ष में क्या है खास होगा. गृह नक्षत्र और देश और दुनिया के लिए कैसा रहेगा आने वाला यह नया साल
2020 की समाप्ति के साथ ही 2021 शुरु हो चुका है, वहीं ये भी हर कोई जानता है कि अंग्रेजी वर्ष 2020 किसी भी स्थिति में दुनिया के लिए सुखद यादें देकर नहीं गया है. ऐसे में हम आज आपके आने वाले नए हिंदू वर्ष यानि नए संवत्सर 2078 के बारे में बताने जा रहे हैं. जो 13 अप्रैल 2021 से शुरु होकर अप्रैल 2022 तक रहेगा.

नया विक्रम संवत 2078 वृषभ लग्न और रेवती नक्षत्र में आरंभ होगा, साथ ही नव संवत्सर के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों मीन राशि में ठीक एक ही अंश पर मौजूद रहेंगे. इसका अर्थ है कि नवीन चंद्रमा का उदय भी मीन राशि में ही होगा. पंचांग के अनुसार यह नवसंवत्सर 2078 होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह संवत्सर “राक्षस” संवत्सर कहलाएगा. जानकारों के मुताबिक इस संवत्सर के दौरान रोग बढ़ेंगे, भय और अकाल तथा संक्रामक रोगों से प्रभावित होने की भी संभावना रहेगी. यदि नवरात्रि के प्रथम दिन से कुछ उपाय शुरू कर दिए जाएं तो आप आगे आने वाले संकटों और परेशानियों से बच सकते हैं.

ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस बार नवसंवत्सर के राजा और मंत्री दोनों का पदभार मंगल पर रहेगा. मंगल को पराक्रम, क्रूरता और उग्रता का कारक बताया गया है. इसलिए मंगल को अनुकूल बनाए रखना आवश्यक होगा. संवत्सर 2078 में किसी भी अप्रत्याशित घटना या मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के लिए इसके लिए हनुमान जी की पूजा करना सबसे ज्यादा उत्तम रहेगा.
इस वर्ष शखुशहाल और संतोषजनक जीवन व्यतीत करने के लिए भगवान श्री राम पूजा भी बहुत शुभफलदाई रहेगी. चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पावन पर्व भी मनाया जाता है, इसलिए भी इस दौरान राम जी की पूजा करना चाहिए. आगे पढ़े कि राक्षस संवत्सर के दुष्प्रभाव से बचने के लिए राम जी की आराधना करें
पौराणिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ने स्वयं बुद्धकौशिक ऋषि के सपने में आकर उन्हें यह स्त्रोत सुनाया था. प्रात: होते ही उन्होंने इसे कलमबद्ध कर दिया था. इसके साथ ही रामायण कथा के अनुसार श्रीराम ने रावण से युद्ध पर जाने से पहले स्वयं देवी दुर्गा को प्रसन्न कर उनसे शक्ति मांगी थी. यही कारण है कि नवरात्रि के दिनों में राम रक्षा स्त्रोत प्रारंभ करने से भगवान राम स्वयं जातक की रक्षा करते हैं। यह पाठ दुर्घटनाओं से तो रक्षा करता ही है. साथ ही यह जातक को बुरी नजर और बुरी शक्तियों से भी बचाता है.

ऊंचा रहेगा सेनाओं का मनोबल:
इस नवसंवत्सर 2078 के राजा तो मंगल हैं ही मंत्री भी मंगल ही है. अर्थात दोनों पदों पर मंगल ही हैं, ज्योतिष के जानकारों और पंडितों के अनुसार यह स्थिति भारत के पराक्रम और वैभव में वृद्धि करेगी चुंकि इस वर्ष के राजा मंगल होंगे तो ये हमारी तीनों सेनाओं का मनोबल बहुत उंचा रखेंगे.
जहां तक हमारी आर्म फोर्स की बात है. वे नए तरह के हथियार का इस्तेमाल कर सकती हैं. नए तरह की क्षेत्रों में अपना विस्तार करते हुए नए आपरेशन कर सकती है। कुटनीति व विदेश नीति इस साल नए आंदाज में होगी. जिसे आगे चल कर दुनिया भर में सराहा जाएगा.

सामाजिक ताने बाने में होगी परेशानी:
रक्तपात की घटनाएं, हिंसा आदि भी इस साल होने की आशंका है. सम्प्रदायिक दंगों की भी संभावनाएं हैं. विरोधी दल के कुछ नेता जनता को गुमराह कर सकते हैं. जिससे सामाजिक ताने बाने में परेशानी हो सकती है. भूकंप, भूस्खलन आने की संभावना के साथ ही बाढ़ आदि का प्रकोप भी इस साल देखने को मिल सकता है.

कोरोना का क्या रहेगा हाल:
ये लगभग अप्रैल 2021 तक नियंत्रण की ओर रहेगी.वैक्सीन भी मिलने लगेगी इसका खौफ व भय भी धीरे धीरे गायब होने लगेगा. भारत का इम्यून काफी पावरफुल होकर उभरेगा.

भारत को मिलेगी नई पहचान:

वर्ष के अंत तक इसमें भारत को कुछ अलग ढंग से पहचान मिल सकती है. भारत के योेगदान को लेकर, इसमें भारत की वैक्सीन सर्वाधिक कारगर होगी. करीब 100 से अधिक देश भारत की वैक्सीन का उपयोग कर लाभ लेंगे. ज्योतिष के जानकारों अनुसार भारत को कोई नोबल या उसी तरह के पुरस्कार भी मिल सकता है, आने वाले वर्ष में…यानि अप्रैल २०२२ के आसपास.