मुस्लिम समाज के लिए रमजान माह की बहुत अहमियत है. दुनिया भर में चांद का दीदार करने के बाद रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत होती है. इसे बरकतों, रहमतों का महीना माना जाता है. दुनिया भर में इस्लाम को मानने वाले लोग रमजान के पूरे महीने अल्लाह की इबादत करते हैं, नमाज अदा करते हैं. और क़ुरआन की तिलावत करते हैं. लोगों को रमज़ान के चांद का खासा इंतजार रहता है. इस बीच गल्फ न्यूज़ ने खबर दी है, कि सऊदी अरब में रविवार 11 अप्रैल को चांद नहीं देखा गया इसलिए वहां 13 अप्रैल को पहला रोजा होगा

इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक कल सऊदी अरब में शाबान महीने की कल 29 तारीख थी, जबकि भारत में 28 तारीख थी. आज यानि सोमवार को सऊदी अरब में शाबान महीने की 30 तारीख है, जबकि भारत में 29 तारीख है. इस हिसाब से सऊदी अरब में कल से रमजान शुरू हो जाएगा, लेकिन भारत में आज चांद दिखाई पड़ा तो पहला रोजा सऊदी अरब के साथ ही मंगलवार से ही शुरू हो जाएगा. और अगर चांद नजर नहीं आया तो पहला रोजा बुधवार से शुरू होगा.

इस्लाम में रोजा बुनियादी पांच स्तंभों में से एक है. रमजान का रोजा हर मुसलमान, बालिग और दिमागी रूप से स्थिर शख्स पर फर्ज है. इस महीने की इस्लाम में बहुत बड़ा महत्व है. रमजान में मुसलमानों को दान-पुण्य करने पर विशेष जोर दिया गया है. अमीर मुसलमानों को अपनी आमदनी में से ढाई फीसद निकालना वाजिब है. ये रकम गरीबों के बीच वितरित की जाती है.