आज हम आपको मरुधरा की राजनीती के उस पहलू से परिचित करवाएंगे जो राजस्थान की राजनीती के चाणक्यो के रोंगटे खड़े कर देगा. उन कार्यकर्ताओं को सोचने पर विवश कर देगा की जिन्होंने चुवावी रैलियों में अपने नेताओं के पलक पांवड़े बिछा दिए थे. मतदाताओं को अपने डाले  गए मत पर अफ़सोस होगा की उन्होंने जिस विकास की उम्मीद पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया था वो उम्मीद,  उम्मीद ही बनकर तो कहीं राजनिति के गलियारों में दफन नहीं हो गई। देश की  132 साल पुरानी पार्टी की राजस्थान में बीमारी कुछ इस तेज़ी से बढ़ रही है कि उसकी स्थिति को रडरलेस ड्रिफ्ट सिंड्रोम कह सकते हैं, यानी, एक ऐसी नाव जो बिना पतवार के बह रही हो. ये बीमारी की वो किस्म है जिसमें कमांड और कंट्रोल, दोनों ताक़तें कमज़ोर हो जाती हैं. नतीजा लुंज-पुंज होता पार्टी संगठन. देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट

हम बात रहे है राजस्थान की उस विधानसभा सीट की जिसमे धन बल का मोटा खेल हुआ. जिसमे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ताक  में रखकर धनबल के चककर में पार्टी का टिकट दे दिया गया और पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा.  हम बात कर  रहे है श्री गंगानगर जिले की श्रीगंगानगर विधनसभा क्षेत्र की.  इस विधनसभा में मामला ऐसा कुछ हुआ की चुनाव के  महज कुछ दिन पहले ऐसे प्रत्यासी को टिकिट दे दिया गया जिसका क्षेत्र से कुछ लेना देना ही नहीं था. वो नाम था अशोक चांडक जबकी पार्टी  कार्यकर्ताओं में  राजकुमार गोड़ को टिकिट मिलने की पूरी उम्मीद थी जबकि ऐसा नहीं हुआ.  कार्यकर्ताओं के कहने पर राजकुमार गॉड ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया और डाले  गए कुल मतो का 27 फीसदी वोट प्राप्त कर निर्दलीय  विजयी हुए. जबकि कांग्रेस के पैराशूटी उम्मीदवार अशोक चंडक को मुँह की खानी पड़ी.

आप सोच रहें होंगे की चुनावो के लगभग तीन साल बीत  जाने के बाद आज ये मुद्दा सामने क्यो है. जबकि ये मसला तो चुनावों के समय ही खत्म  हो जाना चाहिए था. जी! हाँ आपका सोचना बिलकुल लाज़मी है, लेकिन 18 जून 2021 को 2018 विधानसभा चुनावों के कांग्रेश के उम्मीदवार अशोक चांडक  ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलेट को पत्र लिखा है जिस पत्र में पार्टी के लिए करोड़ो रुपए खर्च करने का जिक्र किया है.

2018 विधानसभा चुनाव में गंगानगर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अशोक चांडक ने अपने पत्र में सचिन पायलट को संबोधित करते हुए लिखा है, कि वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी के द्वारा कांग्रेश .कार्यकर्तावों  को महत्व नहीं दिया जा रहा वहीं अशोक  चांडक ने लिखा है कि मैं कार्यकर्ता होने के नाते आप के समक्ष यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि पार्टी का सक्रिय व समर्पित कार्यकर्ता हूं और पार्टी आयोजनो को  बढ़-चढ़कर सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है. कांग्रेस पार्टी द्वारा आज तक जितनी देर रैलियां और चुनाव चुनावी सभाएं बीकानेर जयपुर  अथवा दिल्ली संभाग में की गई उनमें कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और उनकी आवागमन के लिए वाहनों का प्रबंध मेरे द्वारा किया गया है पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बीकानेर जयपुर ,  सीकर में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को ले जाने उनके भोजन प्रबंध और ढाई सौ से तीन सौ बसों का प्रबंध भी मेरी तरफ से किया गया यहां तक कि श्रीगंगानगर  जिले के पदमपुर कस्बे में आयोजित राहुल गांधी की किसान सम्मेलन में लगभग 500 वाहनों में कार्यकर्ताओं को पदमपुर ले जाने का दायित्व निभाया गया इसके अलावा जिला मुख्यालय स्तर पर होने वाली पार्टी के कार्यक्रमों को भी सफलतापूर्वक संपन्न करवाया गया.

गत लोकसभा चुनाव में  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ओर  तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी द्वारा श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर रामलीला मैदान में दोनों नेताओं की चुनावी सभा का भी आयोजित किया गया था. इस चुनावी सभा का तमाम खर्च मेरे द्वारा वहन किया गया जिसके केएलएम  होटल में  मुख्यमंत्री महोदय और उप मुख्यमंत्री महोदय जी को ठहराया गया और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई उसका तमाम खर्च भी मेरे द्वारा वहन किया गया इसके अलावा पुलिस प्रशासन द्वारा  मुख्यमंत्री जी के आवागमन में प्रयुक्त हुए हवाई जहाज और वहां की व्यवस्थाओं का खर्च भी मेरे से वसूल किया गया इन सब आयोजनों पर मेरे द्वारा अब तक करोड़ों रुपए पार्टी हित में खर्च किए गए पार्टी की मजबूती को लेकर मेरे द्वारा इन खर्चों के संबंध में कभी भी अब तक नहीं किया गया पूरी तरह से पार्टी के प्रति समर्पित रहा हूँ.

इस पत्र को पढ़ने से साफ जाहिर होता है, कि चांडक के द्वारा करोड़ों में जो खर्चा किया गया वह महज विधानसभा टिकट हथियाने के लिए किया गया था. जिस पर कांग्रेस पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी भी बनाया लेकिन वही सोचने वाली बात यह है कि 2019 लोक सभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को  आवागमन के लिए प्रयुक्त हवाई जहाज और वहां की व्यवस्थाओं के लिए जो भी पैसा खर्च किया गया क्या कांग्रेस पार्टी के पास में इतना भी पैसा नहीं है. कि वह अपनी चुनावी सभाएं संपन्न करवा सके या फिर एक कार्यकर्ता से वसूली करनी पढ़ी. इसका जवाब तो कांग्रेस पार्टी की आलाकमान ही दे सकती है. जबकि हमारे अनुसंधान में पता चला है की अशोक चांडक भाजपा का कार्यकर्ता था, जिसको 2018 चुनावों से महज चंद महीनों पहले पार्टी से निष्काषित दिया गया था.पार्टी के कुछ धन के लालची नेताओं को  इन्होने धनबल का प्रलोभन देकर चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया था.

वही अशोक  चांडक में अपने पत्र में सचिन पायलट को लिखते हुए यह भी कहा कि वर्तमान विधायक के द्वारा क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाए गए. जिससे  यहां के कार्यकर्ता विकास नहीं होने के कारण परेशान नजर आ रहे  है. जबकि हमने धरातल की स्थिति को देखा तो पिछले  चंद महीनों में करोड़ों की विकास कार्य गंगानगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजकुमार गौड़ के द्वारा करवाए गए. जिनमें पाँच करोड़ के बजट  की 17 किलोमीटर लंबी सड़क स्वीक्र्त कारवाई जिसका फायदा लगभग 10 गांवों को मिलेगा. वही गंगानगर राजकीय चिकित्सालय में पीओपसीटी मशीन का लोकार्पण किया गया. कृषि महाविद्यालय में सीटों को 60 से 120 किया गया,  पंजाब से नहरों  में आ रहे  दूषित पानी के मसले को राज्य सरकार के समक्ष रखा जिस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी स्ंघ्यन लिया गया. मेडिकल कॉलेज के लिए 10 बीघा भूमि आवंटित करवाएगी जिसके ऊपर निर्माण कार्य जारी है वहीं की कोरोना महामारी के दूसरे चरण के दौरान विधानसभा क्षेत्र में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए अथक प्रयास किए गए कहीं पर भी कमी नहीं आने दी गंगानगर  के राजकीय अस्पताल में एंबुलेंस खरीदने के लिए विधायक कोष से 20 लाख स्वीक्र्त किए.  17 किलोमीटर 1 लंबी सड़क के लिए पाँच  करोड़ तिस लाख स्वीकृत किये. आवंटित किए गए यह विकास कार्य कुछ महीनों के हैं. जबकि संपूर्ण कार्यकाल की बात करें तो सैकड़ों करोड़ रुपए के विकास कार्य क्षेत्र में हो चुके हैं जिनमें पेयजल है बिजली है वहीं सड़क निर्माण कार्य भी किये गए।  हमारे द्वारा धरातल पर किये गए सर्वे में ये सभी आरोप अशोकल चाँद द्वारा छूटे साबित होते है.